Bitcoin Exchange Draft Proposal For Trading Through Pan Aadhaar – बिटक्वाइन में निवेश करने वालों का पैन-आधार के जरिए सरकार कसेगी नकेल

वर्चुअल करेंसी बिटक्वाइन के प्राइस में पिछले एक माह में 11 हजार डॉलर से अधिक की कमी दर्ज की गई है। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने कहा है कि देश में जिन लोगों ने इसके जरिए कमाई की थी, उनको अब टैक्स भी देना होगा।

1 फरवरी को वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा बिटक्वाइन को अवैध घोषित करने के साथ ही इंटरनेशनल मार्केट में इसका दाम लगातार गिरता जा रहा है। जहां आप देश में एक सिक्के को चार लाख पचास हजार रुपये में खरीद सकते हैं, वहीं बेचने पर करीब 10 हजार रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा। 

कमाई पर देना होगा टैक्स
उधर केंद्र सरकार ने कहा है कि 1 फरवरी से पहले जिन लोगों ने बिटक्वाइन समेत किसी भी तरह की वर्चुअल करेंसी को खरीदा या बेचा है, तो उस पर टैक्स देना होगा। सेट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्‍ट टैक्‍सेज के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने मंगलवार को कहा कि जिन लोगों ने बिटकॉइन से कमाई की है, उन्हें इस पर टैक्‍स देना पड़ेगा। उनकी इनकम का स्रोत भी पूछा जाएगा। अगर उन्‍होंने टैक्‍स नहीं दिया तो उनके खिलाफ सख्‍त एक्‍शन लिया जाएगा।

RBI ने पहले ही किया था खारिज
सरकार के ऐलान से पहले रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया भी बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी को खारिज कर चुकी है। चर्चा थी कि रिलायंस भी जियोकॉइन के नाम से क्रिप्टोकरेंसी लॉन्च करने की तैयारी में है लेकिन बजट से पहले जियो ने भी साफ कर दिया कि ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाएगा। 

रिपोर्ट्स में सामने आया कि क्रिप्टो करंसी के नाम पर बड़ी मात्रा में काले धन को खपाया जा रहा है। जिस पर सरकार ने पहले भी साफ किया था इस तरह की करेंसी भारत में कानूनी तौर पर मान्य नहीं है। इसी कड़ी में वित्त मंत्री ने बजट भाषण में साफ कर दिया था कि बिटकॉ़इन या फिर इस तरह की कोई भी क्रिप्टो करेंसी भारत में मान्य नहीं है।

सरकार के इस ऐलान के बाद उन लोगों को बड़ा झटका लगेगा जिन्होंने बिटकॉइन में निवेश किया था। यानी की बाजार में लाखों लोगों को करोड़ों और अरबों का नुकसान होगा। 


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